एडुकनेक्ट 2018 संपन्न

 

प्रौद्योगिकी को हमेशा वक़्त पर इस्तेमाल करना चाहिए: स्वामी आत्माप्रियानंदा

 

त बृहस्पतिवार को ली एंड नी सॉफ्टवेयर्स के तत्वावधान में एडुकनेक्ट 2018 का आयोजन किया गया था. उक्त कार्यक्रम के दौरान शिक्षा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया था. मौके पर श्री महेश गुप्ता,सीईओ,ली एंड नी सॉफ्टवेयर्स लिमिटेड, श्री अनिंदो चटर्जी, एमडी और एक्सेक्यूटिव डायरेक्टर फाइनेंस एट वेस्ट बंगाल इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड,स्वामी आत्माप्रियानंदा वाइस चांसलर,रामकृष्ण मिशन विवेकानंदा एडुकेशनल एंड रिसर्च इंसीट्यूट और श्री प्रबीर कुमार दास उपस्थित थे.

परिचर्चा के दौरान स्वामी आत्माप्रियानंदा से जब आज के कार्यक्रम के बारे में पुछा गया तो उसके जवाब में उन्होंने कहा, आज का परिचर्चा का जो विषय है वह है, क्या प्रौद्योगिकी का सही मायने में शिक्षा क्षेत्र में ज़रुरत है और अगर है, तो क्या यह रचनात्मक है या विनाशकारी ? क्या यह मानव भावनाओं को यह ग्रसित कर रही है?

तो आपको क्या लगता है कि शिक्षा क्षेत्र में प्रद्योगिकी की आवश्यकता है या नहीं, पूछने पर स्वामी आत्माप्रियानंदा ने कहा, आजकल सभी मनुष्य प्रद्योगिकी के सहारे ही जीवन-यापन कर रहा है. लेकिन उसे यह कदापि नहीं भूलनी चाहिए कि प्रद्योगिकी हमारी ताक़त है बल्कि हम उसकी ताक़त नहीं है. सो प्रद्योगिकी की जितनी ज़रुरत है, उसका इस्तेमाल उतना ही करना चाहिए.

भारतमित्र अख़बार के एक सवाल कि प्रद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए मनुष्य जीवन में शिक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू है, इसके बारे में क्या कहना चाहेंगे, के जवाब में स्वामी आत्माप्रियानंदा ने कहा, किस तरह की शिक्षा की ज़रुरत है इसका ज्ञान होना अत्यंत आवशयक है.

उन्होंने आगे कहा, यह तो सभी जानते हैं,स्वामी विवेकानद जी ने कहा था..Man making education is inherent in characcter development as well as vocational development.

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