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कभी खाने के लिए भी दोस्तों पर निर्भर रहते थे राजकुमार राव, इस एक फिल्म ने बना दिया सुपरस्टार

सिटीलाइट्स’, ‘शादी में जरूर आना’ और ‘न्यूटन’ जैसी शानदार फिल्में दे चुके राजकुमार राव 31 अगस्त को अपना जन्मदिन मनाते हैं। राजकुमार राव का असली नाम राजकुमार यादव है। उनका जन्म 31 अगस्त 1984 को गुड़गांव के अहीरवाल में हुआ था। उन्होंने गुड़गांव के ही ब्लू बैल्स मॉडल स्कूल से पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए वो दिल्ली पहुंचे और यहां दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। अपने अभिनय के दम पर राजकुमार राव ने न केवल बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई बल्कि बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी अपने नाम किया है।

राजकुमार राव को बॉलीवुड में पहला ब्रेक फिल्म ‘लव सेक्स और धोखा’ और ‘रागिनी एमएमएस’ जैसी फिल्मों से मिला लेकिन पहचान फिल्म ‘काई पो छे’ से मिली। फिल्मी करियर के शुरुआत में जब राजकुमार को सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने अपनी मां के कहने पर अपने नाम की स्पेलिंग बदल दी और Rajkumar rao की जगह Rajkummar rao लिखने लगे।

राजकुमार राव के खाते में छोटे-बड़े रोल मिलाकर 20 से ज्यादा फिल्में हैं, लेकिन अगर आप राजकुमार की परफॉर्मेंस पर ध्यान दें, तो वो हर किरदार में जान फूंक देते हैं। वो चाहें राजकुमार की ‘न्यूटन’ हो या फिर ‘अलीगढ़’ हर फिल्म में उनका अंदाज जुदा देखने को मिला है।

राजकुमार राव ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वो मुंबई काम की तलाश में आए थे तो उन्हें मुंबई में छोटे-मोटे विज्ञापन मिल जाते थे। उन विज्ञापनों में वो 10वें नंबर पर खड़े रहते थे। राजकुमार राव ने बताया था- ‘मैं तकरीबन 10000 रुपए महीना कमा लेता था लेकिन फिर भी कई दिन ऐसे थे जब मेरे पास कुछ नहीं होता था और मुझे अपने दोस्त को फोन कर खाने का जुगाड़ करना पड़ता था।’

राजकुमार ने बताया था- ‘जब मैं बड़ा हो रहा था तो शाहरूख से बेहद प्रभावित था। मैं उनके पोस्टर्स को देखता रहता था और कई बार सोचता था कि अगर शाहरूख जैसा इंडस्ट्री से बाहर का एक्टर आकर बॉलीवुड पर राज कर सकता है तो शायद मेरे लिए भी उम्मीद की किरण तो है।’
राजकुमार रॉव पत्रलेखा के साथ रिलेशनशिप में हैं। हालांकि दोनों की जान पहचान FTII पुणे में ही हुई थी पर उनके बीच प्यार की शुरूआत एक शॉर्ट फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई। राजकुमार और पत्रलेखा एक साथ फिल्म ‘सिटी लाइट’ में साथ नजर आ चुके हैं।
राजकुमार का कहना है कि जब वे क्लास टेंथ में थे तभी उनको समझ आ गया था कि वे एक्टिंग करना चाहते हैं और आगे चल कर अभिनेता ही बनेंगे। हालंकि तब किसी ने उन्हें ये कह दिया था कि वो बहुत बदसूरत दिखते हैं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज परिणाम आप सभी के सामने है।
2013 में बनी फिल्म ‘शाहिद’ के लिए राजकुमार राव को नेशनल अवॉर्ड के खिताब से सम्मानित भी किया गया। ये बात तो माननी पड़ेगी कि राजकुमार चाहे कोई भी किरदार क्यों न करें, बड़ी ही आसानी से उसे निभाते हैं। ऐसे कि आपको भी लगे कि ये आदमी है ही वैसा।

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