प्रीति को इन्साफ कब मिलेगा ?

 
हुगली जिले के रिसड़ा थानांतर्गत बांगुर पार्क की रहनेवाली प्रीति का विवाह राजारहाट स्थित रीजेंट सिटी में रहनेवाले मनीष सर्राफ से २० अप्रैल २०१६ को हुआ था. मनीष के आलावा उसके घर पर उसकी मां, पिता और एक बहन हैं. प्रीति के विवाह के समय प्रीति के पिता ने उसके ससुरालवालों को दहेज़ में ५ लाख रुपये नगद, गहने और घर का कुछ सामान दिया था. उस वक़्त अमूमन पूरी शादी में २५ लाख रुपये का खर्च आया था. पहले तो सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था लेकिन शादी के ठीक ६ महीने बाद जब दहेज़ के पैसे ख़तम हो गए, तब मामला धीरे-धीरे बिगड़ने लगा. प्रीति से आये-दिन उसके ससुरालवाले टीवी, फ्रीज़,बाइक,पैसे इत्यादि की मांग करने लगे. जैसे-तैसे प्रीति और उसके पिता उनकी मांगें पूरी करते गए. २० जून २०१८ को प्रीति जब अपने मायके आई तब उसे पता चला कि ६ जुलाई २०१८ और १० जुलाई २०१८ को उसके किसी रिश्तेदार की शादी है. और वह अपनी मां के साथ ५ जुलाई २०१८ को अपने ससुराल पहुंची जहां उसने अपने ससुरालवालों से शादी में पहनने के लिए अपने गहने और कपड़े लेने की मांग की और तब जाकर विवाद छिड़ गया जिसके चलते प्रीति को उसके पति और उसके बाकी घरवालों ने चाकू से मारने की कोशिश की. पर जब वह बच गई, तो उस पर केरोसिन छिड़ककर उसे जलाने की भी कोशिश की गई. अंत में प्रीति जैसे-तैसे आग बुझाकर अपनी मां के साथ वहां से भाग निकली और महानगर स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज जा पहुंची. जहां उसका इलाज़ हुआ. इलाज़ के बाद प्रीति के मायकेवाले उसे घर ले गए.
         ७ जुलाई  २०१८ को रिसड़ा थाने में प्रीती के मायकेवालों ने उसके ससुरालवालों के खिलाफ एफआईआर (नंबर-९५/१८) दर्ज़ किया. एफआईआर की बुनियाद पर पुलिस ने मनीष सर्राफ और उसके पिता महेश कुमार सर्राफ को २७ जुलाई २०१८ को गिरफ्तार किया. लेकिन मनीष की मां मंजू देवी सर्राफ और बहन पायल सर्राफ आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और सबसे खास बात तो यह है कि पुलिस अब तक प्रीति के ससुरालवालों से प्रीति के गहने और कपड़े बरामद नहीं कर पाई है. अब सवाल यह उठता है कि पुलिस अपना काम सही ठीक ढंग से निभा रही है या सिर्फ सही मौके की तलाश कर रही है. फिलहाल कोर्ट में उपरोक्त केस की सुनवाई चल रही है. प्रीति को इन्साफ कब मिलेगा ये तो वक़्त ही बताएगा. 

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *