महानगर में डिसेबिलिटी एंड ट्रांसजेंडर-ए सोसियो लीगल पर्सपेक्टिव पर सेमिनार का आयोजन

 

आज महानगर स्थित महाजाति सदन में वेमार्क इंविंसिबल फाउंडेशन और टर्नस्टोन ग्लोबल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेमिनार डिसेबिलिटी एंड ट्रांसजेंडर- ए सोसियो लीगल पर्सपेक्टिव के ऊपर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था. सेमिनार का उद्घाटन जस्टिस श्यामल कुमार सेन, फॉर्मर गवर्नर,वेस्ट बंगाल एंड फॉर्मर चीफ जस्टिस ,इलाहाबाद हाई कोर्ट, डॉ. विष्णुपद नंदा, एचओडी,डिपार्टमेंट ऑफ एडुकेशन, जादवपुर यूनिवर्सिटी, डॉ.समिता सेन, सुबोध सरकार, पोएट, अलोकानंदा रे,अभिनेत्री व नृत्यशिल्पी,मानोबी बंद्योपाध्याय,फर्स्ट ट्रांसजेंडर कॉलेज प्रिन्सिपल), जयंत घोष, फाउंडर एंड सीईओ- वेमार्क इंविंसिबल फाउंडेशन और डॉ. कंचन गाबा,सेक्रेटरी टर्नस्टोन ग्लोबल के हाथों हुआ.


मौके पर उपस्थित सुबोध सरकार ने कहा, जिन लोगों को हम समाज में अक्षम घोषित करते हैं, दरअसल वे अँधेरे में नहीं होते हैं, उनमें भी कुछ कर गुज़रने की क्षमता होती है.
मसलन के तौर पर पिछले महीने साहित्य अकाडेमी के कार्यक्रम में मैं खुद शरीक हुआ था और वहां मैंने कुछ ट्रांसजेंडर लोगों को स्वरचित कविताये पेश करते हुए सुना तो मैं सचमुच एक पल के लिए ताज़्ज़ुब हो गया था.
उन्होंने आगे कहा, मुझे तो यूं लगता है कि जिन लोगों की आँखें होती हैं,फिर भी उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता, पैर होते हुए भी जो पहाड़ लांघते हुये डरते हैं इत्यादि… ऐसे ही लोगों को ही मैं डिसेबल समझता हूं.


कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट कौशिक गुप्ता सहित कई लोग मौजूद थे.

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